Tuesday, September 27, 2011


मौसम-विज्ञान


भारतीय मौसम-विज्ञान विभाग (आईएमडी) की इन्सैट मौसमी डेटा संसाधन प्रणाली (आईएमडीपीएस) द्वारा इन्सैट प्रणाली के मौसमी डेटा को संसाधित और प्रसारित किया जाता है। नियमित रूप से ऊपरि पवन, समुद्री सतह तापमान और वृष्टिपात सूचकांक डेटा प्राप्त किए जाते हैं। बिम्ब डेटा से व्युत्पन्न उत्पादों में शामिल है: मेघ गति सदिश, समुद्री सतह तापमान, जावक दीर्घ तरंग विकिरण और परिमाणात्मक वृष्टिपात सूचकांक। उत्पादों का उपयोग दोनों, समष्टिग्राही और संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान के लिए किया जाता है।
इन्सैट-वीएचआरआर प्रतिबिम्बों का उपयोग दूरदर्शन द्वारा समाचार कवरेज के दौरान और समाचार-पत्रों द्वारा मौसम संबंधी रिपोर्टिंग के अंश के रूप में किया जाता है। सम्प्रति, भू-स्थिर कक्षा से हिन्द महासागर के ऊपर आवृत्तिमूलक और समष्टिग्राही मौसम प्रणाली प्रेक्षण केवल इन्सैट प्रणाली से उपलब्ध है। देश के विभिन्न भागों के 90 मौसम-विज्ञान संबंधी डेटा प्रसार केंद्र (एमडीडीसी) में लगभग वास्तविक-समय में इन्सैट वीएचआरआर डेटा उपलब्ध है। संसाधित वीएचआरआर डेटा के लिए सीधे उपग्रह सेवा के प्रवर्तन सहित, एमडीडीसी प्रकार का डेटा देश के किसी भी कोने में उपलब्ध कराया जा सकता है।
देश भर में आईएमडी ने 100 मौसम-विज्ञान संबंधी डेटा संग्रहण मंच (डीसीपी) और अन्य एजेंसियों ने लगभग 200 डीसीपी संस्थापित किए हैं। अंटार्कटिका के भारतीय बेस स्टेशन शिरामाछेर में भी एक डीसीपी संस्थापित किया गया है।
डीसीपी सेवाएँ कल्पना-1 और इन्सैट-3ए के डेटा रिले ट्रान्सपॉन्डरों का उपयोग करते हुए उपलब्ध कराए जाते हैं। एक वृष्टीय मॉनीटरन प्रणाली विकसित की गई है, जो 300 बिट/सेकंड पर परिचालित होती है। इसरो ने देश में अधिक संख्या में विस्तरण के लिए किफ़ायती स्वचालित मौसम केंद्रों के देशीय विकास का कार्य संभाला है। डेटा संग्रहण को वर्तमान यादृच्छिक अभिगम विधा के बजाय टीडीएमए विधा में कार्यान्वित किए जाने का प्रस्ताव है।
निकटवर्ती चक्रवातों से आसन्न आपदा के प्रति चेतावनी के त्वरित प्रसार के लिए, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उड़िसा, पश्चिम बंगाल और गुजरात के असुरक्षित तटवर्ती इलाक़ों में विशेष रूप से परिकल्पित अभिग्राहियों को स्थापित किया गया है, ताकि इन्सैट की प्रसारण क्षमता का उपयोग करते हुए अधिकारियों और सामान्य जनता को सीधे चेतावनियों का प्रसारण कर सकें। आईएमडी के क्षेत्रीय चक्रवात चेतावनी केंद्र विशेष चेतावनी बुलेटिन जनित करते हैं और उन्हें प्रभावित क्षेत्रों को स्थानीय भाषा में प्रत्येक घंटे प्रसारित करते हैं। आईएमडी द्वारा ऐसे तीन सौ पचास अभिग्राही स्टेशन संस्थांपित किए गए हैं। इनमें से 100 उन्नत प्रोद्योगिकी के आधार पर डिजिटल सीडब्ल्यूडीएस (डीसीडब्ल्यूडीएस) हैं। प्रेषण केंद्र में पुष्टि प्राप्त करने के लिए प्राप्ति-सूचक प्रेषित्र सहित डीसीडब्ल्यूडीएस तैनात किए गए हैं।
इन्सैट द्वारा संग्रहित मौसमी चित्रों के बदले मिटियोसैट-5 से 63 डिग्री पूर्व पर मौसमी डेटा के उपयोग के लिए यूमेटसैट के साथ एक सहयोगी करार पर हस्ताक्षर किया गया है।